Baglamukhi Havan & Anushthan Nalkheda | Pt. Deepak Sharma ji
अचानक व्यापार ठप्प होना, घर में भयंकर क्लेश, अकारण बीमारी या किसी के द्वारा कराए गए तन्त्र प्रयोग (Black Magic/Evil Eye) को तत्काल निष्प्रभावी करने हेतु मां बगलामुखी का प्रत्यङ्गिरा स्तम्भन हवन कराएं।
15+ वर्षों का वैदिक अनुष्ठान एवं शाक्त परम्परा अनुभव। मां बगलामुखी मंदिर परिसर नलखेड़ा में विभिन्न जीवन बाधाओं एवं जटिल समस्याओं के निवारणार्थ तन्त्रोक्त अनुष्ठान सम्पादित करते हैं।
"मां पीताम्बरा बगलामुखी की स्तम्भन शक्ति द्वारा कठिन से कठिन समस्या का समाधान, शत्रु बाधा निवारण एवं इष्ट सिद्धि प्राप्त होती है।"
भावार्थ: हे मां पीताम्बरा! साधक पर किए गए समस्त तन्त्र-मन्त्र प्रयोग, नजर दोष एवं नकारात्मक ऊर्जा को तत्काल काट कर भस्म करें।
साधारण अनुष्ठान पैकेज 11,000 मन्त्र जाप, 1-दिवसीय पूजन, व्यक्तिगत नाम-गोत्र संकल्प एवं पीली सरसों हवन।
विशेष अनुष्ठान पैकेज (अनुशंसित) 31,000 मन्त्र जाप, 3-दिवसीय अनुष्ठान, विशेष सामग्री आहुति, सिद्ध यंत्र एवं प्रसाद कूरियर।
१,२५,००० महा अनुष्ठान 1,25,000 ब्रह्मास्त्र जाप, 5-दिवसीय गहन अनुष्ठान, 5 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा अनुष्ठान। बालक या व्यक्ति पर नजर दोष (Evil Eye) अथवा नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होने पर बिना किसी चिकित्सीय कारण के अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है। बच्चा रात में चौंककर रोने लगता है, दूध या भोजन त्याग देता है, चिड़चिड़ा हो जाता है और बार-बार अकारण बीमार पड़ता है। बड़ों के मामले में अचानक बना-बनाया काम बिगड़ना, सिर भारी रहना और अकारण मानसिक भय उत्पन्न होना इसके प्रत्यक्ष लक्षण हैं।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब जन्मकुंडली में राहु-केतु या शनि की दृष्टि लग्न अथवा पंचम (संतान/बुद्धि) भाव पर पड़ती है, तब साधक या बालक की आभामंडल (Aura) कमजोर हो जाती है। ईर्ष्यालु व्यक्तियों या विरोधियों की कुदृष्टि (Nazar Dosh) इस कमजोर आभामंडल में प्रवेश कर नकारात्मक ऊर्जा भर देती है, जिससे स्वास्थ्य एवं उन्नति रुक जाती है।
मां बगलामुखी की पीताम्बरा शक्ति साधक के चारों ओर अभेद्य रक्षा-कवच निर्मित करती है। नलखेड़ा सिद्ध पीठ पर गोत्र संकल्प के साथ पीली सरसों, गुग्गुल, तिल और सरसों के तेल की आहुतियों से सम्पादित महाहवन से नजर दोष एवं नकारात्मक ऊर्जा का क्षणभर में भस्म हो जाता है और बालक/साधक को तुरंत स्वास्थ्य व मानसिक शांति मिलती है।
मां बगलामुखी की पीताम्बरा एवं स्तम्भन शक्ति से नजर दोष, तन्त्र बाधा एवं उपरी हवा निवारण बगलामुखी हवन (Nazar Dosh Black Magic Removal Baglamukhi Havan Nalkheda) से जुड़ी हर प्रकार की बाधा, शत्रुता, नकारात्मकता एवं कानूनी/व्यापारिक रुकावटों का तत्काल निवारण होता है। नलखेड़ा सिद्ध पीठ पर वैदिक नियमों एवं गोत्र संकल्प के साथ सम्पन्न 36-अक्षरी ब्रह्मास्त्र मंत्र जाप एवं विशुद्ध पीली सरसों/कमलगट्टा हवन से साधक को अपेक्षित सफलता प्राप्त होती है।
नलखेड़ा (मध्य प्रदेश) स्थित मां बगलामुखी मंदिर महाभारत कालीन स्वयंभू त्रिशक्ति सिद्ध पीठ है, जहां मां की प्रतिमा स्वयंभू प्राकट्य रूप में विराजमान है। यहां की गई पूजा, संकल्प एवं हवन में असीम तांत्रिक एवं सात्विक ऊर्जा होती है, जिससे अन्य स्थानों की तुलना में तुरंत सिद्धियां एवं अनुकूल परिणाम प्राप्त होते हैं।
जी हां, बिल्कुल। जो भक्त व्यक्तिगत रूप से नलखेड़ा उपस्थित होने में असमर्थ हैं, उनके लिए आचार्य पं. दीपक शर्मा जी लाइव व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से पूजन स्थल से नाम, पिता का नाम, गोत्र एवं विशिष्ट मनोकामना के साथ प्रत्यक्ष Gotra Sankalp सम्पादित करवाते हैं।
समस्या की गंभीरता के अनुसार जाप की संख्या तय होती है। सामान्य बाधाओं के लिए 21,000 या 51,000 जाप पर्याप्त होते हैं, जबकि गंभीर कानूनी मुकदमों, बड़े व्यापारिक घाटे, शत्रु संकट या पुरानी समस्याओं में 1,25,000 (सवा लाख) महा-अनुष्ठान करने का विधान है।
अनुष्ठान में विशुद्ध पीली सरसों, हल्दी की गांठें, पीला कमल, कमल गट्टा, गुग्गुल, शुद्ध गो-घृत, पीताम्बर वस्त्र, तिल एवं विशेष ओषधियों का प्रयोग किया जाता है। सामग्री की शुद्धता ही अनुष्ठान की सफलता का मुख्य आधार है।
अनुष्ठान अवधि के दौरान साधक को पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन, सात्विक भोजन (लहसुन-प्याज रहित), नशीले पदार्थों से परहेज, और प्रतिदिन संध्या समय मां बगलामुखी का ध्यान व मानसिक जाप करना आवश्यक होता है।
सामान्यतः अनुष्ठान के संकल्प एवं दशांश महाहवन के पूर्ण होने के 7 से 21 दिनों के भीतर सकारात्मक परिस्थितियां बनने लगती हैं। शत्रु का रुख धीमा होता है और रुका हुआ कार्य गति पकड़ने लगता है।
जी हां। अनुष्ठान की पूर्णाहुति के उपरांत सिद्ध किया गया मां बगलामुखी बीसा यंत्र, रक्षा सूत्र, भस्म (हवन की पवित्र राख) और रक्षा पोटली भक्त के पते पर सुरक्षित डाक या कूरियर द्वारा प्रेषित की जाती है।
कतई नहीं। नलखेड़ा सिद्ध पीठ पर पं. दीपक शर्मा जी द्वारा सम्पादित सभी अनुष्ठान पूर्णतः वैदिक, सात्विक एवं जन-कल्याणकारी परंपरा से किए जाते हैं। इसमें किसी भी निर्दोष का अहित नहीं किया जाता, केवल साधक की रक्षा एवं धर्मसम्मत न्याय हेतु प्रार्थना की जाती है।
आप सीधे आचार्य पं. दीपक शर्मा जी से उनके अधिकृत मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर +91 98260 91702 पर संपर्क करके अपनी जन्मकुंडली, नाम एवं गोत्र साझा कर सकते हैं और अनुष्ठान की बुकिंग सुनिश्चित कर सकते हैं।
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