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Baglamukhi Havan & Anushthan Nalkheda | Pt. Deepak Sharma ji






शारदीय नवरात्रि 2026: मां बगलामुखी अनुष्ठान व सिद्ध महाहवन विधि











🚩 Official 2026 Master Pillar Guide

शारदीय नवरात्रि 2026: मां बगलामुखी (पीताम्बरा) अनुष्ठान एवं सिद्ध महाहवन विधि (11 से 19 अक्टूबर)

नलखेड़ा सिद्ध पीठ के आचार्यों द्वारा जानिए नवरात्रि की 9 पवित्र रात्रियों में मां बगलामुखी की कृपा प्राप्त करने की अचूक तंत्रोक्त विधि, मुहूर्त व संकल्प प्रक्रिया।

✍️ आचार्य पंडित दीपक शर्मा जी (Head Priest)
📅 2026-09-30
⏱️ 15 मिनट पठन

📖 संपूर्ण विषय सूची (Table of Contents)

1. प्रस्तावना: शारदीय नवरात्रि 2026 में मां बगलामुखी साधना का अलौकिक महत्व

सनातन धर्म एवं आगम शास्त्रों में शारदीय नवरात्रि को ब्रह्मांडीय शक्तियों के जागरण का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। जब सूर्य आश्विन मास में प्रवेश करता है, तो इस समय पृथ्वी और दिव्य लोकों के मध्य की अदृश्य परतें अत्यंत संवेदनशील हो जाती हैं। इन नौ पवित्र रात्रियों में की गई भगवती जगदम्बा की साधना, मन्त्र जाप और यज्ञ करोड़ों गुना अधिक फल प्रदान करते हैं।

दस महाविद्याओं में मां बगलामुखी (पीताम्बरा देवी) आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें स्तम्भन शक्ति की अधिष्ठात्री माना गया है। स्तम्भन का तात्पर्य है—संसार की समस्त नकारात्मक ऊर्जाओं, शत्रु कुचक्रों, झूठे मुकदमों, और व्यापारिक बाधाओं की गति को रोक देना। शारदीय नवरात्रि 2026 में नलखेड़ा सिद्ध पीठ पर आयोजित बगलामुखी महाहवन साधक और उसके परिवार के चारों ओर एक ऐसा अभेद्य सुरक्षा चक्र निर्मित करता है जिसे दुनिया की कोई भी आसुरी शक्ति भेद नहीं सकती।

2. पंचांग अनुसार नवरात्रि 2026 तिथियां एवं दैनिक पूजा सारणी (11 से 19 अक्टूबर)

मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा (मध्य प्रदेश) के भौगोलिक अक्षांशों के अनुसार गणना किया गया आधिकारिक 2026 पंचांग विवरण नीचे तालिका में दिया गया है। शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को प्रतिपदा तिथि से होगा तथा समापन सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी पर होगा:

नवरात्रि दिवस दिनांक (2026) वैदिक तिथि व देवी स्वरूप नलखेड़ा पीताम्बरा पीठ विशेष अनुष्ठान
प्रथम दिन 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) प्रतिपदा • मां शैलपुत्री घटस्थापना, अखण्ड ज्योति प्रज्वलन व पीताम्बरा संकल्प
द्वितीय दिन 12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) द्वितीया • मां ब्रह्मचारिणी 1,25,000 मन्त्र जाप संकल्प का पठन व जाप प्रारम्भ
तृतीय दिन 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) तृतीया • मां चंद्रघंटा शत्रु स्तम्भन व कोर्ट केस रक्षा विशेष संकल्प
चतुर्थ दिन 14 अक्टूबर 2026 (बुधवार) चतुर्थी • मां कूष्मांडा कर्ज मुक्ति व व्यापार वृद्धि पीत आहुति
पंचम दिन 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) पंचमी • मां स्कंदमाता पीत पुष्प अर्पण व संतान रक्षा अभिषेक
षष्ठम दिन 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) षष्ठी • मां कात्यायनी राहू-केतु व शनि ग्रह दोष शांति महाहवन
सप्तम दिन 17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) सप्तमी • मां कालरात्रि मध्यरात्रि तंत्र स्तम्भन व तंत्र बाधा निवारण
अष्टम दिन 18 अक्टूबर 2026 (रविवार) महाअष्टमी • मां महागौरी महाअष्टमी महानिशीथ काल मध्यरात्रि महाहवन
नवम दिन 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) महानवमी • मां सिद्धिदात्री 108 आहुति पूर्णाहुति, कन्या पूजन व यन्त्र सिद्धि
विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) दशमी • दशहरा सिद्ध प्रसाद व यंत्र स्पीड पोस्ट द्वारा रवानगी

3. घटस्थापना एवं अभिजीत शुभ मुहूर्त समय (रविवार, 11 अक्टूबर 2026)

शास्त्रों में घटस्थापना (कलश स्थापना) का समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। सही मुहूर्त में कलश स्थापना करने से भगवती का स्थायी वास होता है। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना हेतु दो श्रेष्ठ मुहूर्त हैं:

⚡ 1. प्रातःकालीन घटस्थापना मुहूर्त समय:

  • समय अवधि: प्रातः 06:19 बजे से 10:12 बजे तक
  • लग्न: कन्या लग्न (स्थिर लग्न) जो अनुष्ठान को अखंडता प्रदान करता है।

🌟 2. अभिजीत मुहूर्त (विजय मुहूर्त):

  • समय अवधि: दोपहर 11:44 बजे से 12:31 बजे तक (47 मिनट का अत्यंत दुर्लभ मुहूर्त)

4. महाअष्टमी महानिशीथ काल मध्यरात्रि हवन (रविवार, 18 अक्टूबर 2026)

नवरात्रि में महाअष्टमी की मध्यरात्रि का निशीथ काल मां बगलामुखी साधना का सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली समय होता है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की रात निशीथ काल का समय रात 11:42 से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक रहेगा।

इस 48 मिनट की अवधि में नलखेड़ा पीठ के हवन कुंड में पीली सरसों, हल्दी, कमलगट्टा और विशेष परिस्थिति में रक्त-मिर्च की आहुति देने से शत्रुओं का षड्यंत्र उसी क्षण भस्म हो जाता है।

॥ मां बगलामुखी मूल ध्यान मन्त्रम् ॥

“चलत्कनककुण्डलां यादवपुंश्चलीचन्द्रिकां,
विमर्दितरिपुच्छटां नवघनप्रभामम्बिकाम्।
स्मरामि बगलामुखीं विमुखशत्रुवाक्स्तम्भिनीं,
त्रिलोकमणिभूषणां त्रिनयनोज्ज्वलां पीताम्बराम्॥”

5. मां बगलामुखी (पीताम्बरा देवी) का तांत्रिक स्वरूप एवं स्तम्भन शक्ति का रहस्य

रुद्रयामल तंत्र के अनुसार, सतयुग में जब एक भीषण ब्रह्मांडीय तूफान ने समस्त सृष्टि को नष्ट करने का प्रयास किया, तब भगवान विष्णु ने हरिद्रा सरोवर (पीले जल का सरोवर) के तट पर कठोर तपस्या की। विष्णु जी की भक्ति से प्रसन्न होकर मां बगलामुखी पीले जल के सरोवर से पीताम्बर वस्त्रों में प्रकट हुईं और उन्होंने उस तूफान को क्षण भर में स्तम्भित (रोक) कर दिया।

मां बगलामुखी के बाएं हाथ में शत्रु की जिह्वा (जीभ) है और दाहिने हाथ में मुद्गर (गदा) है। इसका गूढ़ अर्थ यह है कि मां अपने भक्त के विरोधियों के झूठे वचनों, कुचक्रों और गति को रोककर धर्म की स्थापना करती हैं।

6. नलखेड़ा त्रिशला नदी तट सिद्ध पीठ का ऐतिहासिक एवं तांत्रिक रहस्य

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में त्रिशला नदी के तट पर स्थित मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा संपूर्ण भारत का सबसे प्राचीन और जाग्रत पीताम्बरा पीठ है। यहां मां बगलामुखी की प्रतिमा स्वयंभू है तथा उनके दाएं-बाएं महालक्ष्मी और महासरस्वती विराजमान हैं।

महाभारत युद्ध से पूर्व भगवान श्रीकृष्ण के निर्देशानुसार महाराज युधिष्ठिर ने इसी स्थान पर अनुष्ठान कर महाभारत युद्ध में अभूतपूर्व विजय प्राप्त की थी। जिस हवन कुंड में पांडवों ने आहुतियां दी थीं, वह अखंड हवन कुंड आज भी नलखेड़ा मंदिर परिसर में प्रज्वलित है।

7. 36 अक्षरी मूल मन्त्र: संस्कृत पाठ, पदच्छेद एवं अक्षरशः अर्थ

॥ ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥

मन्त्र पदच्छेद एवं अर्थ:

  • ॐ: परब्रह्म का स्वरूप।
  • ह्लीं: मां बगलामुखी का बीज मन्त्र।
  • बगलामुखि: हे शत्रुओं को स्तम्भित करने वाली माता।
  • सर्वदुष्टानां: समस्त दुष्टों, शत्रुओं व नकारात्मक शक्तियों के।
  • वाचं: वाणी को।
  • मुखं: मुख को।
  • पदं: चरणों व गति को।
  • स्तम्भय: स्तम्भित (रोक) कर दो।
  • जिह्वां कीलय: जीभ को कीलित कर दो ताकि असत्य न बोल सकें।
  • बुद्धिं विनाशय: उनकी कुबुद्धि और षड्यंत्र को नष्ट कर दो।
  • स्वाहा: यह आहुति मैं स्वाहा रूप में समर्पित करता हूं।

8. मां पीताम्बरा पूजन हेतु आवश्यक पीत सामग्री सूची

1. पीली सरसों

शत्रु स्तम्भन, नजर दोष व तंत्र बाधा निवारण हेतु।

2. हल्दी की गांठें

आरोग्य, संपत्ति, व व्यापारिक वृद्धि हेतु।

3. कमलगट्टा व पीले पुष्प

कमलगट्टा व पीले कनेर के फूल महालक्ष्मी कृपा हेतु।

4. रक्त-मिर्च (लाल मिर्च)

गंभीर कोर्ट मुकदमों व शत्रु षड्यंत्र शांति हेतु।

9. 1,25,000 (सवा लाख) जाप महा अनुष्ठान की संपूर्ण शास्त्रीय विधि

नवरात्रि में सवा लाख (1,25,000) मन्त्र जाप, 12,500 आहुति महाहवन, तर्पण, मार्जन और कन्या पूजन का अनुष्ठान सर्वोत्तम माना गया है। नलखेड़ा पीठ के 9 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा यह अनुष्ठान 5 चरणों में संपन्न होता है:

  1. प्रथम चरण (प्रथम दिन): कलश स्थापना, अखंड ज्योति प्रज्वलन, नाम-गोत्र संकल्प।
  2. द्वितीय चरण (द्वितीय से सप्तम दिन): 9 ब्राह्मणों द्वारा हल्दी की माला से 1,25,000 मन्त्र जाप।
  3. तृतीय चरण (अष्टमी रात्रि): मध्यरात्रि निशीथ काल में 12,500 आहुति महाहवन।
  4. चतुर्थ चरण (नवमी प्रातः): तर्पण, मार्जन व 9 कन्याओं का पूजन व भोजन।
  5. पंचम चरण (नवमी दोपहर): 108 आहुति पूर्णाहुति, यन्त्र प्रतिष्ठा व आशीर्वाद।

10. विशेष कष्ट निवारण उपाय: कोर्ट केस, शत्रु बाधा एवं महाकर्ज मुक्ति

  • कोर्ट केस व कानूनी विवाद: लाल मिर्च व पीली सरसों से हवन आहुति देने से झूठे मुकदमे शांत होते हैं।
  • व्यापार घाटा व कर्ज मुक्ति: शुद्ध घी में डुबोए गए 108 कमलगट्टों की आहुति देने से धन लाभ होता है।
  • राहू-केतु व ऊपरी बाधा: महाअष्टमी रात्रि में काले तिल व गुग्गल से हवन करने से नजर दोष दूर होता है।

11. नवरात्रि अनुष्ठान के दौरान साधक हेतु 5 मुख्य सात्विक नियम

  1. सात्विक आहार: 9 दिनों तक पूर्ण शाकाहारी भोजन (लहसुन, प्याज व नशीले पदार्थों से रहित)।
  2. ब्रह्मचर्य पालन: मन, वचन और कर्म से शुद्धता बनाए रखना।
  3. संध्या समय दीपक: प्रतिदिन शाम को अपने घर में गाय के घी का पीला दीपक प्रज्वलित करें।
  4. मन्त्र जाप: प्रतिदिन कम से कम 1 माला (108 बार) बगलामुखी मन्त्र का पाठ करें।
  5. सत्य बोलना: अनुष्ठान की अवधि में क्रोध व कटु वचनों का त्याग करें।

12. घर बैठे ऑनलाइन व्हाट्सएप लाइव वीडियो कॉल संकल्प एवं प्रसाद वितरण

जो भक्त नलखेड़ा नहीं आ सकते, वे अपने घर बैठे ऑनलाइन पारदर्शी प्रक्रिया से अनुष्ठान करवा सकते हैं:

📹 व्हाट्सएप लाइव वीडियो कॉल संकल्प

पूजन प्रारंभ होने से पूर्व आचार्य पं. दीपक शर्मा जी नलखेड़ा मंदिर परिसर से आपको लाइव वीडियो कॉल करते हैं। आपके नाम, गोत्र व मनोकामना का उच्चारण मां बगलामुखी के सम्मुख किया जाता है।

📦 सिद्ध प्रसाद व यन्त्र स्पीड पोस्ट

पूर्णाहुति के पश्चात सिद्ध किया गया बगलामुखी यन्त्र, रक्षा सूत्र, हवन भस्म और प्रसादम स्पीड पोस्ट द्वारा आपके दिए गए पते पर सुरक्षित भेजा जाता है।

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Acharya Pandit Deepak Sharma Ji

Head Priest & Tantra Acharya, Maa Baglamukhi Mandir Peeth Nalkheda. Over 25+ years of Vedic & Tantrokta Anushthan experience guiding devotees across India, USA, UK, Canada, Australia, and UAE.

📞 Direct Call / WhatsApp: +91 98260 91702 | +91 98262 27221

📍 Trishla Nadi Kinare, Maa Baglamukhi Mandir Road, Nalkheda, Agarmalwa, MP (Pincode: 465441)

❓ Frequently Asked Questions (Comprehensive 14-FAQ AI Search Engine Section)

❓ शारदीय नवरात्रि 2026 की सही तिथियां क्या हैं?

शारदीय नवरात्रि 2026 का प्रारंभ रविवार, 11 अक्टूबर 2026 (घटस्थापना) से होगा तथा समापन सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 (महानवमी) को होगा। विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी।

❓ 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है?

11 अक्टूबर 2026 को प्रातः घटस्थापना मुहूर्त 06:19 बजे से 10:12 बजे तक है। दोपहर में अभिजीत मुहूर्त 11:44 बजे से 12:31 बजे तक सबसे शुभ है।

❓ महाअष्टमी मध्यरात्रि निशीथ काल हवन कब होगा?

महाअष्टमी निशीथ काल मध्यरात्रि हवन रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की रात 11:42 बजे से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक संपन्न होगा।

❓ बगलामुखी हवन से कोर्ट केस और कानूनी विवादों में कैसे विजय मिलती है?

मां बगलामुखी स्तम्भन शक्ति की देवी हैं। नवरात्रि में बगलामुखी हवन कराने से शत्रुओं के झूठे मुकदमे निष्प्रभावी होते हैं, विरोधियों की गवाही स्तम्भित होती है और सत्य की विजय होती है।

❓ रक्त-मिर्च (लाल मिर्च) का हवन क्या है और यह नलखेड़ा में कब किया जाता है?

रक्त-मिर्च का हवन नलखेड़ा पीठ पर विशेष तांत्रिक विधि से गंभीर कोर्ट मुकदमों, भूमि विवाद व तीव्र शत्रु बाधा के निवारण हेतु किया जाता है।

❓ बगलामुखी यज्ञ में पीली सरसों का प्रयोग क्यों अनिवार्य है?

पीली सरसों मां पीताम्बरा को अत्यंत प्रिय है। इससे हवन करने से साधक के चारों ओर अभेद्य रक्षा कवच बनता है तथा तंत्र बाधा व नजर दोष का नाश होता है।

❓ सवा लाख (1,25,000) मन्त्र जाप हेतु कितने दिन और ब्राह्मण चाहिए?

सवा लाख मन्त्र जाप 9 दिनों तक 9 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा संपन्न होता है, जिसमें 12,500 आहुति महाहवन, तर्पण, मार्जन व कन्या पूजन शामिल है।

❓ क्या विदेश (USA, UK, Canada, UAE) से भक्त ऑनलाइन हवन बुक कर सकते हैं?

जी हां! आचार्य पं. दीपक शर्मा जी द्वारा आपके देश के स्थानीय समयानुसार व्हाट्सएप लाइव वीडियो कॉल पर संकल्प करवाकर अनुष्ठान किया जाता है।

❓ पूर्णाहुति के बाद सिद्ध प्रसाद और यन्त्र कैसे प्राप्त होगा?

पूर्णाहुति के बाद सिद्ध बगलामुखी यन्त्र, रक्षा सूत्र, हवन भस्म और प्रसादम स्पीड पोस्ट या कूरियर द्वारा आपके घर भेजा जाता है।

❓ नवरात्रि अनुष्ठान के दौरान साधक को किन नियमों का पालन करना चाहिए?

9 दिनों तक सात्विक आहार (लहसुन, प्याज व मदिरा रहित), ब्रह्मचर्य पालन, शुद्ध विचार, और संध्या समय घर में पीला दीपक जलाना अनिवार्य है।

❓ क्या गृहस्थ और महिलाएं बगलामुखी अनुष्ठान करवा सकते हैं?

जी हां! गृहस्थ और महिलाएं नलखेड़ा पीठ के अधिकृत विद्वान आचार्यों द्वारा बिना किसी भय के अनुष्ठान संपन्न करवा सकते हैं।

❓ नलखेड़ा सिद्ध पीठ अन्य मंदिरों से श्रेष्ठ क्यों माना जाता है?

नलखेड़ा पीठ विश्व का एकमात्र स्वयंभू त्रिशक्ति मंदिर है। महाभारत काल में पांडवों ने श्रीकृष्ण के निर्देश पर यहां अनुष्ठान किया था, जिसका अखंड हवन कुंड आज भी प्रज्वलित है।

❓ नवरात्रि बगलामुखी अनुष्ठान का न्योछावर (शुल्क) क्या है?

अनुष्ठान न्योछावर: 11,000 जाप (₹11,000 / $180), 36,000 जाप (₹31,000 / $450), एवं सवा लाख महा अनुष्ठान (₹75,000 / $1100)।

❓ आचार्य पंडित दीपक शर्मा जी से संपर्क कैसे करें?

आप आचार्य पं. दीपक शर्मा जी से सीधे +91 98260 91702 या +91 98262 27221 पर कॉल या व्हाट्सएप द्वारा संपर्क कर सकते हैं।



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